तस्वीर की तारीफहर आंख कर रही हैदीवार पर लगी तस्वीरकितनी प्यारी लग रही हैलेकिन उस दीवार की पीरको कौन समझेजो उसमें लगी कील से मिल रही हैदीवार उस खूबसूरती की कीमतकितनी सहजता से चुका रही है...दीपक (बेख्याली)
तस्वीर की तारीफ
हर आंख कर रही है
दीवार पर लगी तस्वीर
कितनी प्यारी लग रही है
लेकिन उस दीवार की पीर
को कौन समझे
जो उसमें लगी कील से मिल रही है
दीवार उस खूबसूरती की कीमत
कितनी सहजता से चुका रही है...
दीपक (बेख्याली)