कमबख्त मोहब्बत खा गईउन आंखों की चमकजिनसे कभी पूरा घर जगमगाता थादीपक (बेख्याली)
कमबख्त मोहब्बत खा गईउन आंखों की चमक
जिनसे कभी पूरा घर जगमगाता थादीपक (बेख्याली)