देह से बड़ा कोई बेरी नहींइसे कितना ही संभाल के रख लोयह एक न एक दिन छूट ही जाना हैकाल से बड़ा कोई प्रेमी नहींइससे आप कितना ही मुंह को मोड लोपर एक न एक दिनयह आपके पास आ ही जाना है