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इतवार


आज तो इतवार भी मुझसे लड़ बैठा है

इतने दिनों के बाद तो वो मुझसे मिलने आया है

और एक मैं हूं

आज भी तेरा ही ख्याल लिए बैठी हूं

दीपक (बेख्याली)

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