मैं तेरे नाम की मेहंदी 

इस हरियाली तीज पर हाथों में रचा जाऊंगी

तू अपनी बाहों को झूला बना तो सही  

कोन सा मेरा दिल बंजर जमीं है

तू प्यार का बीज बो तो सही

मैं तेरे इश्क में भी पड़ जाऊंगी

तू प्यार का इजहार कर तो सही

दीपक (बेख्याली)