वो गरीब है, साहब
उसको गर्मी, सर्दी या किसी मौसम की मार नहीं लगती
वो गरीब है, साहब
उसके बच्चों को भूख नहीं लगती
वो गरीब है, साहब
उसके सम्मान को ठेस नहीं लगती
गरीबी हटाओ का नारा लगाने वालों को
गरीब की दुआ लगती है
उनकी किस्मत बदलने में देर नहीं लगती
लेकिन गरीबी बड़ी ढीठ है, साहब
इसको गरीब की कभी बद्दुआ नहीं लगती
दीपक (बेख्याली)

