पता है मुझे अब वो उस गली में नहीं रहतीफिर भी अक्सर गुजर जाता हूँ उस गली सेदीपक (बेख्याली)
पता है मुझे अब वो उस गली में नहीं रहतीफिर भी अक्सर गुजर जाता हूँ उस गली से
दीपक (बेख्याली)