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बसंत


मन को बूढ़ा करूं या संत करूंबता जीवन का कैसे अंत करूं

एक है कि तृष्णाओं का पतझड़ आता नहींइच्छाओं का बसंत जाता नहीं

बता कर्मों का कैसे अंत करूंDEEPAAK KUMAR

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