यह चांद भी तोकभी पूर्ण थाहमारी तरह...निकलकर देखा है अनगिनत यादों में सेमैंने इस पतझड़ से सीखा हैशाखों से पत्ते गिरने पर भीबसंत नहीं रुका करता है आने से
यह चांद भी तो
कभी पूर्ण थाहमारी तरह...निकलकर देखा है अनगिनत यादों में सेमैंने इस पतझड़ से सीखा हैशाखों से पत्ते गिरने पर भीबसंत नहीं रुका करता है आने से