यार तू भी कमाल करती हैदूर से ही बूंदों को ताकती हैकौन सी रोज ऐसी बरसात होती हैदीपक (बेख्याली)
यार तू भी कमाल करती हैदूर से ही बूंदों को ताकती हैकौन सी रोज ऐसी बरसात होती है
दीपक (बेख्याली)