वक्त को फ़िर से मोडा जा सकता थाटूटी हड्डियों को फ़िर से जोड़ा जा सकता थाजिस शख्स को में हाथ पकड़ कर रोकना चाह रहा थाअसल में वो हाथ छुड़ाने से पहले ही जा चुका थादीपक (बेख्याली)
वक्त को फ़िर से मोडा जा सकता थाटूटी हड्डियों को फ़िर से जोड़ा जा सकता थाजिस शख्स को में हाथ पकड़ कर रोकना चाह रहा थाअसल में वो हाथ छुड़ाने से पहले ही जा चुका था
दीपक (बेख्याली)