गोपाल मिश्रा और आरती प्रधान जो पूर्व मुख्यमंत्री की पोती और आईएएस अधिकारी की बेटी है जिनकी दोस्ती 8 साल पुरानी है, गोपाल मिश्रा और राघव कश्यप इनकी दोस्ती इससे भी ज्यादा साल पुरानी है। 12वीं पास करने के बाद गोपाल मिश्रा जो आरती प्रधान से प्यार करता है वह अपनी पढ़ाई और अपनी ज़िंदगी दोनों में लूजर निकला। राघव कश्यप अपनी पढ़ाई और ज़िंदगी दोनों में सफल रहा, क्योंकि पढ़ाई में उसको आईआईटी में एडमिशन मिल गया है और ज़िंदगी में वह आरती प्रधान को अपनी गर्लफ्रेंड बना लिया है। गोपाल मिश्रा जिसके पास खोने के लिए केवल एक बाप था वह भी अब खो चुका है अब उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं है। लेकिन उसने हार नहीं मानी।
वह विधायक रमन लाल शुक्ला से मिला, जिसके पास भ्रष्टाचार में कमाए पैसे बहुत हैं, गोपाल के पास विवादित जमीन है।शुक्ला के हस्तक्षेप से विवाद ख़त्म हो गया। दोनों ने मिलकर वहाँ इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण कराया।
जिस गोपाल के पास इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए पैसा नहीं था वह 24 साल की उम्र में “गंगा टेक इंजीनियरिंग कॉलेज” जैसे बड़े कॉलेज का डायरेक्टर बन चुका है। अब उसके पास अपना उसका कॉलेज, एक मर्सिडीज़ गाड़ी और एक बड़ा बंगला है। आरती प्रधान रमाडा होटल में रिसेप्सनिस्ट है, जो उसे केवल जस्ट फ्रेंड कहा करती थी, वह अब उसके करीब आने लगी है और उधर राघव जिसने इंजीनियरिंग की डिग्री तो प्राप्त की लेकिन वह इंजीनियर नहीं बना। वह एक अख़बार का संपादक बना, जो उसका पैशन है। लेकिन उसके ईमानदार तरीके से काम करने की वज़ह से उसे अख़बार से निकाल दिया गया।
उसने अपना अख़बार ‘रिवोल्यूशनरी 2020’ शुरू किया। जिसके एक लेख की वज़ह से शुक्ला की विधायिकी भी गयी और जेल भी जाना पड़ा। इस तरह उसके ईमानदार तरीके से काम करने की वज़ह से उसके दफ़्तर में तोड़फोड़ की गई। जिसकी वज़ह से वह अब बर्बाद हो चुका है। लेकिन वह दिल का बहुत अच्छा इंसान है।
आरती के कहने पर गोपाल राघव के दफ्तर गया, वह उसे बताना चाहता था कि हम और आरती शादी करने वाले हैं लेकिन वहाँ उसने जो देखा, उसे लगा वह राघव और आरती के साथ ग़लत किया। गोपाल ने ख़ुद को आरती की नजरों में ग़लत साबित करने के लिए दो कॉल गर्ल मंगवाए और आरती भी उसी टाइम आ गयी,जो उसके प्लान का एक हिस्सा था और उधर राघव जिसकी जॉब गोपाल की वज़ह से गई थी गोपाल ने मुख्य संपादक से कह कर अख़बार से निकलवा दिया था। लेकिन अब गोपाल ने मुख्य संपादक से बात करके उसे फ़िर से उसकी जॉब दिलवाई।
लेकिन उसे इस बात का पता नहीं चला कि जॉब किसने दिलाई।
बाद में उसने राघव से मिलकर राघव को आरती से शादी करने के लिए कहा। दोनों की शादी हो गई। गोपाल उस दिन के बाद ख़ुद को ख़ुद से भी ज़्यादा बिजी रखने लगा। इस समय उसकी उम्र 26 साल है वह एक और कॉलेज की स्थापना करने वाला है। राघव कश्यप पूर्व मुख्यमंत्री की पोती से विवाह करने की वज़ह से विधायिकी का चुनाव लड़ रहा है।
गोपाल ने कहा था –
“कभी-कभी हमारे लिए ज़िन्दगी का मतलब यह नही रह जाता कि हम क्या बनना चाहते हैं, बल्कि यह हो जाता है कि हमें क्या करना चाहिए।”
~ दीपक चौधरी

