उसने काम जरा, मुश्किल सा किया
धीरे धीरे मुझे, मुझसे ही जुदा किया
कितना कुछ खो दिया, इस बेखुदी के दौर में
खैर... छोड़ो...जो भी किया अच्छा ही किया


उसने काम जरा, मुश्किल सा किया
धीरे धीरे मुझे, मुझसे ही जुदा किया
कितना कुछ खो दिया, इस बेखुदी के दौर में
खैर... छोड़ो...जो भी किया अच्छा ही किया