जब कभी भी मैं रूठ जाऊ तुमसे
और तुम कोशिश जो करो, मुझे मनाने की
तो तुम करीब आकर बैठ जाना मेरे
और गुनगुना देना मेरा पसंदीदा गाना
और मैं सारे शिकवे, सारे गिले भुलाकर
भर लूंगा तुम्हें अपनी बाहों में


जब कभी भी मैं रूठ जाऊ तुमसे
और तुम कोशिश जो करो, मुझे मनाने की
तो तुम करीब आकर बैठ जाना मेरे
और गुनगुना देना मेरा पसंदीदा गाना
और मैं सारे शिकवे, सारे गिले भुलाकर
भर लूंगा तुम्हें अपनी बाहों में