अहल-ए-दिल किसी और की,सफर में साथ मेरा चाहती हो ।फना हो किसी और में …और ... जज्बात मेरा चाहती हो ।दुनिया भर से खिलाफत की,एक तेरा हमदर्द होने में,तुम मुझसे और क्या क्या चाहती हो ?