अच्छा ही हुआ जो तुमने ...अपनी कोशिशें खत्म कर दी,झूठे वादे न तो मैं कर पातान ही जता पाता तुम्हें झूठा प्यारऔर दिल तो कब का तबाह कर बैठा हूँ मैं ।