Poetry 1 min read 791.5K reads

Gulaab


तेरे लिए इश्क़ मेरे दिल मेआज भी बेहिसाब रखा है,

तेरी तस्वीर के सामनेआज भी तेरे हिस्से का ग़ुलाब रखा है

Read more Earn more Learn more