Poetry 1 min read 17.7K reads

Life


आपके हैं पुण्य डेबिट,और क्रेडिट पाप हैंसाथ में इंट्रेस्ट भी प्रारब्ध है संताप है

वह गवर्नर कर रहा है स्वयं ही के वाइ सीकर्म खाते के हमेशा नॉमिनी खुद आप हैं

— राघव शुक्ल
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