न किसी काश न आस न आशा में बोले,न हिम्मत कोई हारे न निराशा में बोले।शब्द हैं पुष्प, पुष्प की भाषा में बोले,जब भी कोई बोले तो मातृभाष में बोले।
न किसी काश न आस न आशा में बोले,न हिम्मत कोई हारे न निराशा में बोले।
शब्द हैं पुष्प, पुष्प की भाषा में बोले,जब भी कोई बोले तो मातृभाष में बोले।