कुछ ऐसे जश्न मनाओ बड़ा अँधेरा है
ख़ुशी के दीप जलाओ बड़ा अँधेरा है
किसी गिरे को उठाओ तो कोई बात बने
मदद को हाथ बढ़ाओ तो कोई बात बने
उजाला चारो तरफ है ये बात झूठी है
कई घरो से अभी तक बहार रूठी है
वहां भी फूल खिलाओ बड़ा अँधेरा है
ख़ुशी के दीप जलाओ बड़ा अँधेरा है
ग़मो की रोज़ ही बरसात होने लगती है
रात के बाद फिर से रात होने लगती है
सितारे टूट के बिखरेंगे गर संभाला नहीं
चिराग बेचने वालो के घर उजाला नहीं
उन्हें भी राह दिखाओ बड़ा अँधेरा है
ख़ुशी के दीप जलाओ बड़ा अँधेरा है
अँधेरा करके दिलो में भी झूमते हैं यहाँ
दिलो को बांटने वाले भी घुमते हैं यहाँ
गुमान है कि वो शम्मे बुझा के रख देंगे
हमें ये शौक कि हम दिल जला कि रख देंगे
सितारों साथ में आओ बड़ा अँधेरा है
ख़ुशी के दीप जलाओ बड़ा अँधेरा है
बात सच्चाई की दिल में कभी उतारो भी
ज़हन की सोच को थोड़ा बहुत संवारो भी
अपने अंदर के अंधेरो से जंग छेड़ भी दो
छुपा है खुद में जो रावण तो उसको मारो भी
खुद से भी जीत के आओ बड़ा अँधेरा है
ख़ुशी के दीप जलाओ बड़ा अँधेरा है