अब ना यूँ कश्मकश में डाल मुझे
या तो गिरने दे या संभाल मुझे
फिर से देखा है एक कली खिलते
आ गया फिर तेरा ख्याल मुझे
तू ही फिर दर्दे दिल को पैदा कर
तू ही इस दर्द से निकाल मुझे
सलाम करके वो चले भी गए
पूछने थे बहुत सवाल मुझे
मुझको अपनी खबर नहीं “दानिश”
सब बताते हैं मेरा हाल मुझे