Poetry 1 min read 14.9K reads

फुरसतिया हो


फुरसतिया होअच्छी बात हैसुनोजरा मिलो खुद से भीसाॅंझ की आखिरी टेकयाभोर की पहली सिहरनसुनोखुद को भी©

— दामिनी नारायण सिंह
Read more Earn more Learn more