ये कोई साधारण अस्त नहींमहाप्रभु के आगमनऔर प्रस्थान की कहानी कहताआनंद और उत्सव का रंग लियेसमस्त ब्रह्माण्ड में नाद भरताआरंभ की गति लियेस्वयं से स्वयं को कहताहॉंये कोई साधारण अस्त नहींकह रहा था कल का अस्त
ये कोई साधारण अस्त नहींमहाप्रभु के आगमनऔर प्रस्थान की कहानी कहताआनंद और उत्सव का रंग लियेसमस्त ब्रह्माण्ड में नाद भरताआरंभ की गति लियेस्वयं से स्वयं को कहताहॉंये कोई साधारण अस्त नहीं
कह रहा था कल का अस्त