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ऐ ईश्वर


पता है तुझको ऐ ईश्वरकिस रोज है मुड़ना कब मुझकोकिस रोज है मुड़ना...⏳बाकी तो सब धाराएं हैंपतवार जो थामेआशाएं हैं?नवसृजन की सब दिशाएंपता है तुझको ऐ ईश्वरपता है तुझको ऐ ईश्वर

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