सृष्टि में क्या अहम है

सूर्य रौशन करे सब को

विधु मोहित करे विश्व को

पवन उड़ान दे पर को

ज्वाला पवित्र करे जग को

नीर जीवन दे नर को

ये सत्य है न की वहम है

ये सब ही भगवान स्वयं है


- सहर