कविता यही कहीं हैं 

कविता हर कहीं हैं 

कविता रात के रूप में है 

कविता दिन की धूप में है

कविता फूल की खुशबु में है 

कविता भँवरे की जुस्तजू में है 

कविता जिंदगी के सवाल में है 

कविता मौत के ख़्याल में है 

कविता जोश ए जुनून में है 

कविता जीत के सुकून में है 

कविता अहसासों की गहराई में हैं 

कविता लम्हों की तन्हाई में हैं 

कविता मोहब्बत की लहर में है 

कविता बुत ए कातिल के शहर में है 

कविता समाज के उद्धार में है 

कविता शहीदों के सत्कार में है 

कविता अनेकों की आवाज़ में है 

कविता सदियाँ के रिवाज़ में है

कविता गरीब की रोटी में है

कविता अमीर की कोठी में है

कविता ईश्वर की चाहत में है

कविता ख़ुदा की इबादत में है

कविता मंदिर की पूजा में है 

कविता मस्जिद के सजदे में है 

कविता दिल की धड़कन में है 

कविता चंचल से मन में हैं 


- सहर