आंचल में.

एक कली मचलती.

बाहर आने दो मुझको मां.

सिमटी.

अपने ठांव कह रही.

भय बिसराने दो मुझको मां


गोदी में आने को आतुर.

बिटिया विनय सुनाती प्रतिदिन.

ममता की सौगंध दिला कर.

अपनी पीर जताती प्रतिदिन.


मां तुम भी तो

एक बेटी हो.

यह जतलाने

दो मुझको मां.


परा ध्वनिमयी तीव्र तरंगे.

परिचय मुझसे पूछ रही हैं.

मैं बालक हूं या कि बालिका.

चिह्न सभी वे ढूंढ रही हैं.


तुम भी तो

कितनी भोली हो.

यह बतलाने दो

आने दो मुझको मां.


मैं तो बनी तुम्हारी रज से.

हूं तेरी पहचान सनातन.

दादी नानी मौसी चाची.

मेरे ही प्रतिमान चिरंतन.


मैं भी तो.

प्रतिमूर्ति तुम्हारी.

यह समझाने दो

मुझको मां.


चाकू से मुझ को डर लगता.

सिहर सिहर जाती हूं पूरी.

भैया आए मैं भी चाहूं.

बिन भाई के बहन अधूरी.


तुम मामा संग

खिलती कितना.

यह अजमाने दो

मुझको मां.