1 min read 805.7K reads

कवि-परिचय


।। कवि-परिचय ।।

लिखते लिखते, कुछ ऐसा लिख जाऊं मैं ।दुनिया की सारी मुश्किल, हल कर जाऊं मैं ।कविता की गहराई में जाकर, डुबकियां लगाऊं मैं।सारांश को निकालकर, जन जन तक पहुंचाऊं मैं।

।। चांदनी केसरवानी ।।

Read more Earn more Learn more