ख्वाब देखने में समझौता क्यों?

जब भी देखेगे बड़ा देखेगे छोटा क्यों?

कुछ तो सोचा होगा मेरे खुदा ने मेरे लिये,

वरना इस धरा पर अपना जन्म होता क्यों?