भ्रमित मानव's image
704K

भ्रमित मानव

भ्रमित मानव 
जीवन की डगर काँटों का भँवर 
मंजिल की दूरी चलना है जरूरी 
डगमगाए कदम लड़खड़ाई जुबान
 बिखरा हुआ दिखता  हर इंसान

हिंसा की लहर नफरतों का जहर
 बढ़ता जा रहा अलगाव का कहर
संतोष का अभाव शान्ति की कमी
दिखती  नहीं अब अपनत्व की नमीं

भ्रमित है जीवन कपट भरा मन 
कमजोर है दृष्टि शिथिल हुआ तन 
अहंकार भरी है  धधकी
Read More! Earn More! Learn More!