“ फैला था जब विष सृष्टि में ,
बाबा तूने विषपान किया
बचा लिया अस्तित्व जगत का ,
सम्पूर्ण सृष्टि का कल्याण किया ।
आज पुनः आ गई है विपदा ,
बाबा तुम विषपान करो
कोरॉना नामक इस वायरस से ,
बाबा जगत का उद्धार करो ।।
आओ बाबा जल्दी आओ आकर हमारी जान बचाओ
कोरोना नामक विष को पीकर बाबा अपने भक्तो को बचाओ
अरे अब तो मेरी विनती सुन लो ”
- सुयश श्रीवास्तव ‘चित्रवंशी’


