तेरी आंखो के नर्म साए,मेरे दिल तक जो उतर आए।कभी बंदगी कभी दिल्लगीकभी बेरुखी कभी चाहतक्या यही है मोहब्बतये मोहब्बत ना जाने क्या क्या रंग दिखाए।
तेरी आंखो के नर्म साए,मेरे दिल तक जो उतर आए।
कभी बंदगी कभी दिल्लगीकभी बेरुखी कभी चाहत
क्या यही है मोहब्बतये मोहब्बत ना जाने क्या क्या रंग दिखाए।