मैं वो किताब हूं..

जो किस्मत बदल दे

मैं हूं ज्ञान का भंडार

यही है मेरी पहचान!

मंजिल तक मैं पहुंचाऊं

सही राह मैं दिखलाऊं

जिसका कोई साथी नहीं

उसकी दोस्त मैं बन जाऊं

भटके हुए राही को

सही दिशा मैं दिखलाऊं

मैं वो किताब हूं..

मंजिल तक तुम्हें पहुंचाऊं..