तुझे कभी छुआ तो नहीं पर तेरे एहसास हमारे है
कभी तुझे देखा तो नहीं पर तेरे ख्वाब बड़े प्यारे है
तेरा महसूस होना और फिर गुम हो जाना
आ-आ कर पास इतने फिर ओझल हो जाना
दूर तक फैली ये तेरे एहसासों की तन्हाई
भर ले मुझे आगोश में तेरे यादों की परछाई
क्या लिखूं तुझे ए ’सनम’ शब्दों में
इतने शब्द ही कहां होते है शब्दकोशों में।

