ख्वाहिशों की उड़ान..
है ख्वाब सारे जहां के..
बेजुबान ख़ामोशी का शोर बेहिसाब है..
भावनाओं में नदी सा कोलाहल..
और पर्वतों से अरमाँ..
कागज पे थिरकना बेहिसाब हैI
इस जिंदगी की किताब में..
आलम है बेखुदी का..
और गम छुपाने का हुनर बेहिसाब है I
लबों पे हँसी..
है दिल में उमंगे..
मंज़िल को पाने का जुनून बेहिसाब है I
बादलों के साये में..
पर्वतों की बाहों में..
प्रकृत्ति की पनाहों में सुकून बेहिसाब हैI
