अपना वही जो अधरों पर मुस्कान दे
जो मान दे, सम्मान दे
जो निज हित का बलिदान दे
उंगली मांगो तो भुजा दान दे
जो मन मंदिर में स्थान दे
निज सुख जो तुझ पर वार दे
निस्वार्थ तुझे जो प्यार दे
जो सम्बल दे आधार दे
जीत अपनी जो तुझ पर वार दे
तन, मन,धन से जो साथ दे
तुम थाम सको तो निज हाथ दे
अपना वही जो अपनेपन की मिठास दे।
