जो मांगता हूँ चुपचाप दे दिया कर,
ऐ ज़िंदगी तू कभी तो मेरे पिता जैसी बन।
बेटियों को संसार में सबसे ज्यादा प्यार करने वाला
उनकी छोटी सी मुस्कुराहट के लिए पूरी दुनिया से लड़ने वाला
जाती है जब बेटिया पराये घर
तो आँखों में नमी और अन्दर से संतुष्ट होकर अपना हर कर्तव्य निभाता है
वो देवता इस संसार में पिता के नाम से जाना जाता है।
आपके ही नाम से जाना जाता हूँ “पापा”,
भला इस से बड़ी शोहरत मेरे लिए क्या होगी।

