अविरल, कोमल,चंचल, निर्मल !!
गंगा का यह पावन जल,
थोड़ा चंचल, थोड़ा शीतल,
गंगा का यह पावन जल,
जो दरिया मिल जाए इसमें,
वह भी गंगा का पावन जल,
कभी न शांत हो,
हवा जब शांत हो,
चले यह हर पल !!
गंगा का यह पावन जल,
जब कोई स्नान करे,
जाए यह तब उछल- उछल,
गंगा का यह पावन जल,
काशी की ‘गरिमा,
शिव की ‘महिमा,
है गंगा का पावन जल,
देश- देश से आये वासी,
देखने गंगा का पावन जल,
धन्य हुए है काशीवासी,
पाकर यह गंगा का पावन जल,
अविरल, कोमल, चंचल, निर्मल,
गंगा का यह पावन जल !!

