जीवन है प्यार का उपवन,
डोल रहा क्यों तेरा मन,
चलते दो साथी एक राह संग,
ईश के मन होती है उमंग..
आशाएं फलती संग संग,
मन में जब हो प्यार का ही रंग,
उनके संग साज सजे,
पल पल अनुराग जगे..
अंदर ही महके यह रंग,
प्रियतम संग ही निखरे ढंग,
ऋतुओं में हो ज्यों बसंत,
ऐसा ही प्यार का है संग..
जब भी हो साथ वे,
मन सहज ही हर्षाता है,
दूर चले जाने पर क्यों ये घबराता है,
सारे निराले इसके ढंग..
