रूप सी कहूं,या कहूं बे मिशाल,
जिंदगी तू भी है बड़ी कमाल,
कभी रंग हीन,कभी चटक लाल,
पाके तुझे मैं हो गया निहाल..
साथ से तेरे मैं चहक रहा,
जब से तू मिली मैं बहक रहा,
मिसरी सी तू कभी,कभी मिर्च लाल,
सीधी लगे कभी,कभी उलझी जाल..
जिंदगी तू..
रेत सी कभी,कभी जल का ताल,
तेरा साथ हो तो जग लगे कमाल,
चाहतें यही,साथ तू रहे,हाथ तू गहे,
प्रिये तेरे बिन,राख तन बदन, लुट गया चमन..
जिंदगी तू..
