ये तन प्राण और मेरा मन,
सब में बसता है मेरा वतन,
तुझ पे कुर्बान सौ सौ जनम,
ऐ वतन, ऐ वतन, ऐ वतन।
तू ही है मेरा प्यारा चमन,
प्यार से ही खिला ये उपवन,
गंगा जमुना से तेरे ललन,
ऐ वतन -----------
चाहे खुशियां हों चाहे हो गम,
तेरी खातिर ही तन और मन,
शान से तेरी खुश होते हम,
ऐ वतन ------------

