अगर ये प्यार है तो प्यार के ये दरमियां भी हो
न हम बोलें, न तुम बोलो, मगर किस्सा बयां भी हो।
जहां दिल से मिलें दिल एक ऐसा कारवां भी हो
कहां पर हो, कहां कह दूं, यहां भी हो, वहां भी हो।
उसे सूरज दिया, चंदा दिया, तारे दिये, फिर भी
वो कहता है मेरे हिस्से में अब ये आसमां भी हो।
भला तू ही बता मैं शर्त उसकी मान लूं कैसे
वो कहता है कटे पर का परिन्दा बेजुबां भी हो।
मुझे थी चाह जिसकी वो तेरा दिल मिल गया मुझको
मुझे क्या काम तेरे जिस्म से चाहे जहां भी हो।


