यह तोह दिली की सरकार होगयी जैसे हर नेता की झूटी बात होगयी वैसे ही तू भी एक झूठा उपहास होगयी। व्यंग तुझपे पे भी बनता हु,तेरी झूटी बातो का पम्पलेट लेके मैं अपने वादे पूरे होने की उम्मीद भी लगाता हु। मनहोम सा मौन था मैं तू सोनिया सी चालक, घोटाला खुद किया अब कहती है ट्रिपल तलाक। वोह मित्रो मित्रो सा तोह नही कहती थी लेकिन लेकिन टेटू- टेटू  हमे याद है। वो demonetization की तरह वो रात वाली बात हमे याद   याद है। देश सड़क पे आया था,मैं भी अपने कंफर्ट जोन से बहर आया था, देश की तर्को का तोह पत्ता नाही हमने जरूर उचाईयो को पाया था। कारगिल सी जंग छिड़ी थी मेरे सीने  me हर देश हर दोस्त मुकर गया था। Israel की तरह सिर्फ एक दोस्त काम अय्या था , उससे जल्दी से खुशके बरऊधो का जकीरा   हमे   पहुचाया था। वो राम मंदिर  को बनेका तुम्हारा वादा,लेकिन इसके लिए तूने बाबरी के ढांचे को गिराया था, एक तूफान सा देश मे तुमने लाया था। वो सरकर जैसे विलय होती है,वैसे ही तुम्हारा मुझमे विलाय होना याद है। मेरा प्रधानमंत्री और तुम्हारा गुह मंत्री बनेका वादा tumhe याद  है, कुछ नए कैबिनेट मिनिस्टर को पार्टी में लानेकी वादा याद है। नेतायों को कोई बात याद कहा होती है , उनके दिल मे  जनताके आँसूओ की जगह कहा होती है । कोई बात नही maaf ki बेवफाई तेरे सरकार की , अभी रुको हमारी और भी पार्टियों से बात होती है, किसी दिन तखत पलट करूँगा, अपनी सरकार जरूर बनाऊंगा उस दीन मैं तुम्हे sansad ka चपरासी बनाऊंगा।