आने को है ...वो बस आने को है
जितना इंतज़ार है तुम्हे उसका
उतना ही है इंतज़ार उसे भी
आने को है वो बस आने को है
चौखट तक तो पहुंच गया
आधा रास्ता चल गया वो
क्या तुम उठे हो अभी तक ?
क्या तुम चले हो अभी तक ?
आधा रास्ता चला है वो
आधा रास्ता तुम भी चलो
मंज़िल कर रही है इंतज़ार
चल कर नहीं आती सबके लिए वो हर बार
आज आयी .. उसकी तौहीन न करो
कुछ कदम तुम भी मेहनत के चल लो
वो देहलीज़ पर खड़े होकर कह रही है ..तुम्हे ही
आने को है वो ... बस आने को है


