सुनो, बेहद खूबसूरत हो तुम,
अपनी खूबसूरती को, यूँ जा़या ना करो,
किसी बेवफ़ा की यादों में,
अपनी आँखों को, यूँ रुलाया ना करो।
की जो सच में चाहते होंगे तुम्हें,
उन्हें ये लापरवाही समझ आ जाएगी,
जो ना समझे, तो छोड़ कर फिर पछताया ना करो।


सुनो, बेहद खूबसूरत हो तुम,
अपनी खूबसूरती को, यूँ जा़या ना करो,
किसी बेवफ़ा की यादों में,
अपनी आँखों को, यूँ रुलाया ना करो।
की जो सच में चाहते होंगे तुम्हें,
उन्हें ये लापरवाही समझ आ जाएगी,
जो ना समझे, तो छोड़ कर फिर पछताया ना करो।