"कहानी किस्सों में दुनिया को दिखाने वाले
वो लोग कहाँ चले गए पुराने वाले,
मेरे इंतज़ार का न इम्तहां ले मेरे यार
हम जो गुज़र गये तो वापस नहीं आने वाले,
तुम्हारे लिबास पर जो दाग लहू के हैं
कुछ भी कर लो ये दाग नहीं जाने वाले,
अदालत है मगर किस काम की आखिर
बेख़ौफ़ घूमते हैं बस्तियां जलाने वाले,
मेरी शराफत ने मुझे हरा दिया मगर
मसनदों तक आ गए लाशें गिराने वाले।"