चलो तुम बिन कुछ दिन रह के देखते हैंतन्हाईयाँ क्या हैं तन्हा हो के देखते हैअब तो मानो आदत सी हो गयी है तुम्हारीतुम बिन जी पाऊंगा कि नहीं किसी और के हो के देखते हैं ।।
चलो तुम बिन कुछ दिन रह के देखते हैंतन्हाईयाँ क्या हैं तन्हा हो के देखते है
अब तो मानो आदत सी हो गयी है तुम्हारीतुम बिन जी पाऊंगा कि नहीं किसी और के हो के देखते हैं ।।