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खुदा


तुम्हें ढूढ़ना जो चाहूं तो कहीं मिलोगे क्यादिखती नहींं है तुम्हें क़यामत मिल कर करोगे क्या

सज़दा अक़ीदत विश्वास मन्नत कुछ तो ख्याल करोजीवन ही नहीं बचेगा तो तुम भी रह कर करोगे क्या ??

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