तेरा बदन एक सुर से बना है,
मेरे नयन एक साज हैं,
तेरी लाली सूरज को लुभाती,
फूलों से कोमल आवाज हैं,
तेरा बदन एक सुर से बना है.....
होंठ तेरे एक मधुशाला और
केश सुहाने साँझ हैं,
तेरा चितवन यूँ मुस्काता,
जैसे कि खुले कुछ राज हैं,
तेरा बदन एक सुर से बना है,
मेरे नयन एक साज हैं।
गालों की रंगत जो बिखरातीं,
उन हवाओं को भी खुद पर नाज़ है,
इन तेरी अदाओं से बढ़कर,
और किसके अंदाज हैं,
तेरा बदन एक सुर से बना है,
मेरे नयन एक साज हैं।