जानता हूं मकड़ी का जाल बहुत मजबूत होता है, किन्तु छोटा सा पतिंगा उसका यमदूत होता है, छोटे-छोटे लोगों का भी एक वजूद होता है, जिनका न अगला न पिछला सबूत होता है। आज नन्हें -प्यारे बच्चों के भाग्य में धूप होता है, कहां किसी के खून में मां का दूध होता है, दरिद्रता की रोटी को सेंकता सबका पूत होता है, वर्तमान में केवल कांँटे और भविष्य में सूत होता है। जहाज में चलता यात्री भूत होता है, लोकल ट्रेन का मुसाफिर टूटा सूप होता है, कार में बैठा व्यक्ति मजबूत होता है, पैदल चलने वाला सिर्फ बेवकूफ होता है।